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परिसीमन पर संग्राम: दक्षिण बनाम केंद्र की नई जंग | राजेश चतुर्वेदी #harkara

टॉकिंग न्यूज़ विद निधीश के आज के लाइव शो में हम बात करेंगे परिसीमन को लेकर बढ़ते विवाद और दक्षिण भारत में उठ रही नाराज़गी पर.
संसद के 16 अप्रैल से शुरू हो रहे सत्र में लाए गए प्रस्तावित बदलावों में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने, 1971 की जनगणना आधारित फ्रीज़ हटाने और नई परिसीमन आयोग के गठन की बात शामिल है. सरकार का कहना है कि यह कदम नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए जरूरी है.
इसी बीच एम.के. स्टालिन ने इस प्रस्ताव को “साजिश” और “काला कानून” बताया है. उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से 16 अप्रैल को अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाने की अपील की है, ताकि इस बदलाव के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जा सके.
क्या यह सिर्फ एक नीतिगत बदलाव है या फिर राजनीतिक संतुलन को बदलने की कोशिश?
क्या दक्षिण भारत के साथ वाकई भेदभाव हो रहा है?
इन्हीं सवालों पर होगी आज की बड़ी बहस.

उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सियासी और आर्थिक ध्रुवीकरण को लेकर हरकारा पर डॉ रथिन रॉय से की गई महत्वपूर्ण बातचीत आप यहां देख सकते हैं, जिसमें वे दरअसल इस फैलते अंतर को भारत के लिए अस्तित्व का ख़तरा बता रहे हैं.

• उत्तर बनाम दक्षिण: भारत का ‘अस्तित्व संकट’...

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