निधीश त्यागी, साथ में राजेश चतुर्वेदी, गौरव नौड़ियाल, फ़लक अफ़शां, विश्वजीत कुमार
आज की बड़ी खबरों में हम बात करेंगे दुनिया भर में मँडराते आर्थिक संकट और युद्ध के बादलों की. एक तरफ अमेरिका पिछले पच्चीस सालों की सबसे बुरी आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात ने ओपेक का साथ छोड़कर वैश्विक तेल बाज़ार में खलबली मचा दी है. भारत के भीतर भी हालात सामान्य नहीं हैं, जहाँ भीषण गर्मी और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने जनस्वास्थ्य आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है, वहीं पश्चिम बंगाल के चुनाव में आलू किसानों का दर्द और मतदाता सूची से गायब होते नाम लोकतंत्र की साख पर सवाल उठा रहे हैं. कश्मीर की किशनगंगा नदी के तट पर बँटे हुए परिवारों का शोक हो या ओडिशा के कुटामल में आदिवासियों पर पुलिस का प्रहार.अगले कुछ मिनटों में हम इन सभी खबरों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे.
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