जिस आदमी ने पंद्रह साल तक दूसरों के लिए छह मुख्यमंत्री जिताए — मोदी, नीतीश, ममता, जगन, स्टालिन, केजरीवाल — उसकी अपनी पार्टी 2025 में 238 सीटों पर लड़कर एक भी नहीं जीत पाई, कई जगह नोटा से भी पीछे रही. और अब वही प्रशांत किशोर बीजेपी के 30 साल पुराने गढ़ बांकीपुर से, पहली बार लड़कर जीत गए हैं.
पर हरकारा डीपडाइव की यह बातचीत "बी टीम" की बहस से आगे जाती है. निधीश त्यागी और लेखक-व्यंग्यकार राकेश कायस्थ की बातचीत में:
▪️ बी टीम की थ्योरी को एक तरफ़ रखकर — प्रशांत किशोर आख़िर करना क्या चाहते हैं ▪️ आँकड़ों की कहानी: 34% का न्यूनतम मतदान, बीजेपी से 28% और आरजेडी से 18% वोट का खिसकना ▪️ वोटर की बेचैनी — केजरीवाल, तमिलनाडु में विजय, पंजाब में भगवंत मान, और CJP की लहर से जोड़कर ▪️ अपने ही वोटर से सवाल करने की शैली — नेहरू, अंबेडकर और कांशीराम की परंपरा से तुलना ▪️ "सर्जिकल स्ट्राइक": मोदी-शाह और संघ पर चुप्पी, पर सम्राट चौधरी पर सीधा हमला ▪️ माइग्रेशन, शिक्षा और बिहार की तरक़्क़ी के मुद्दे — जो कांग्रेस-आरजेडी को उठाने चाहिए थे ▪️ तेजस्वी यादव का गिरता ग्राफ़ और आरजेडी का संकट ▪️ आगे का सवाल: PK एनडीए के साथ जाएँगे या इंडिया गठबंधन के, या नवीन पटनायक की तरह उदासीन?
विस्तृत विश्लेषण और फ़ैक्टशीट: harkaraonline.com
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