क्या मानसून सत्र की हड़बड़ी के पीछे परिसीमन की तैयारी है? नई संसद में 888 सीटें क्यों बनाई गईं, 2021 की जनगणना आज तक पूरी क्यों नहीं हुई, और 2026 इतनी अहम तारीख़ क्यों है — इन सवालों पर हरकारा डीपडाइव में निधीश त्यागी की बातचीत सोशल मीडिया व्यंग्यकार और इनफ़्लुएंसर रीबॉर्न मनीष से.
बातचीत में जेरीमैंडरिंग को उदाहरणों से समझाया गया है — बूथवार EVM आँकड़ों से सीमाएँ कैसे खींची जा सकती हैं, कश्मीर-जम्मू और असम में परिसीमन के अनुभव क्या रहे, और उत्तर-दक्षिण के बीच राजनीतिक व आर्थिक ताक़त के ध्रुवीकरण का ख़तरा क्या है. साथ ही SIR, नागरिकता और वोटर सूची, "बर्डन ऑफ़ प्रूफ़" के पलटाव, और हंगरी में विक्टर ओरबान के हालिया चुनावी अनुभव पर भी चर्चा.
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रथिन रॉय:
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