निधीश त्यागी, साथ में राजेश चतुर्वेदी, गौरव नौड़ियाल, फ़लक अफ़शां, विश्वजीत कुमार
आज की बड़ी खबरों में हम चर्चा करेंगे भारतीय राजनीति के गलियारों आने वाली ख़बरों से, जहाँ एक तरफ़ भारतीय जनता पार्टी पर दागी नेताओं को संरक्षण देने के आरोपों के बीच 'वाशिंग मशीन' की उपमा तेज़ हो गई है, वहीं दूसरी तरफ़ पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में भोजन और सांस्कृतिक पहचान अब शक्ति प्रदर्शन का नया ज़रिया बन गए हैं. देश के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और मतदाता सूचियों से लाखों नामों के हटने पर उठ रहे सवाल अब केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि संवैधानिक साख का मुद्दा बन चुके हैं. इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जर्मनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई एक दुर्घटना और तेलंगाना की राजनीति में के. कविता द्वारा नई पार्टी के एलान ने हलचल पैदा कर दी है. आज के इस पॉडकास्ट में हम इन सभी कड़ियों को एक साथ जोड़कर समझेंगे कि भारतीय लोकतंत्र किस दिशा में आगे बढ़ रहा है और क्या बंगाल के परिणाम 2029 की नई राजनीतिक बिसात तय करने वाले हैं. अगले कुछ मिनटों में हम इन सभी खबरों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे.
आज के लिए इतना ही. हमें बताइये अपनी प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी. मिलेंगे हरकारा के अगले अंक के साथ. हरकारा सब्सटैक पर तो है ही, आप यहाँ भी पा सकते हैं ‘हरकारा’...शोर कम, रोशनी ज्यादा. व्हाट्सएप पर, लिंक्डइन पर, इंस्टा पर, फेसबुक पर, यूट्यूब पर, स्पोटीफाई पर , ट्विटर / एक्स और ब्लू स्काई पर.













